कोशिकीय एवं आणविक जीव विज्ञान केंद्र (CCMB) आधुनिक जीव विज्ञान के अग्रणी क्षेत्रों में एक प्रमुख अनुसंधान संगठन है। केंद्र का उद्देश्य आधुनिक जीव विज्ञान के अग्रणी क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले बुनियादी अनुसंधान और प्रशिक्षण आयोजित करना और जीव विज्ञान के अंतर-विषयक क्षेत्रों में नई और आधुनिक तकनीकों के लिए केंद्रीकृत राष्ट्रीय सुविधाओं को बढ़ावा देना है।
शुरुआत में सीसीएमबी की स्थापना 1 अप्रैल, 1977 को एक अर्ध-स्वायत्त केंद्र के रूप में की गई थी, जिसमें तत्कालीन क्षेत्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला (वर्तमान में, भारतीय रासायनिक प्रौद्योगिकी संस्थान, IICT) हैदराबाद का जैव रसायन प्रभाग इसका केंद्र बना और डॉ. पी. एम. भार्गव ने इस नए केंद्र का नेतृत्व किया। इससे पूर्व, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) नई दिल्ली के संचालन समिति, जो कि देश के 44 अनुसंधान संस्थानों का गठन करने वाला शीर्ष निकाय है, ने आधुनिक जीव विज्ञान की बढ़ती सीमा और बहु-विषयक क्षेत्रों में अनुसंधान के महत्व को देखते हुए 1976 में ऐसा केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। 1981-82 के दौरान, सीसीएमबी को अपनी स्वयं की कार्यकारी समिति और वैज्ञानिक सलाहकार परिषद के साथ एक पूर्ण राष्ट्रीय प्रयोगशाला का दर्जा दिया गया। प्रमुख विस्तार योजनाओं के साथ, केंद्र को एक विशाल परिसर (कैंपस) में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया।