CCMB

सीएसआईआर - कोशिकीय एवं आणविक जीवविज्ञान केन्द्र

भारत का इनोवेशन इंजन

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परिसर

मुख्य परिसर

हब्सीगुडा स्थित मुख्य परिसर की स्थापना 1987 में सीसीएमबी के पहले स्वतंत्र परिसर के रूप में की गई थी। इस परिसर का कार्य जीव विज्ञान के महत्वपूर्ण एवं बुनियादी प्रश्नों पर अन्वेषी अनुसंधान पर केंद्रित है। इसमें कई केंद्रीकृत अनुसंधान सुविधाएं भी हैं जो देश भर के शोधकर्ताओं के उपयोग के लिए उपलब्ध हैं।

परिसर- I (लैकॉन्स)

लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के लिए प्रयोगशाला लैकॉन्स (LaCONES) की स्थापना वर्ष 2000 में अत्तापुर में सीसीएमबी के पहले उपभवन प्रयोगशाला (annexe lab) के रूप में की गई थी। लैकॉन्स (LaCONES) के वैज्ञानिक पारिस्थितिकी और वन्यजीव व्यवहार का अध्ययन करते हैं, और वन्यजीव संरक्षण के लिए उन्नत आणविक जीव विज्ञान उपकरण विकसित करते हैं। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों के चिड़ियाघरों के मृत जानवरों से आनुवंशिक सामग्री एकत्र करने और संग्रहीत करने के लिए राष्ट्रीय आनुवंशिक साधन बैंक सुविधा भी है।

परिसर- II चिकित्सकीय जैव प्रौद्योगिकी भवन

उप्पल स्थित चिकित्सकीय जैव प्रौद्योगिकी भवन की स्थापना वर्ष 2015 में सीसीएमबी के दूसरे परिसर (annexe lab) के रूप में की गई थी। यह परिसर सीसीएमबी के वैज्ञानिकों और स्टार्ट-अप कंपनियों द्वारा प्रौद्योगिकी विकास के लिए समर्पित है। यह वर्तमान में जीवन विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में लगे 20 से अधिक स्टार्ट-अप कंपनियों का समर्थन करता है, जो कॉमन रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट हब (CRTDH), अटल इनक्यूबेशन सेंटर-CCMB (AIC-CCMB) और मेइटी (Meity) स्टार्टअप हब में स्थित हैं। यह सीसीएमबी की आणविक और गुणसूत्र नैदानिक सुविधाओं का भी केंद्र है, और सीसीएमबी द्वारा आयोजित कई कौशल विकास कार्यक्रमों का स्थल भी है।

छवि चित्रशाला

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